MWP ACT यानि Married Women’s Property Act 1874 में बनाया गया था। उस समय में महिलाओं की स्तिथि काफी गंभीर थी इसलिए उनकी प्रॉपर्टी को प्रोटेक्ट करने के लिए यह एक्ट बनाई गई थी।

प्रॉपर्टीज को बिज़नेस में लॉस से, या लेनदारों से, या उनके रिलेटिव्स, या उनके हस्बैंड से प्रोटेक्ट करने के लिए यह एक्ट बना था।

1923 में MWP ACT में इंश्योरेंस पॉलिसी भी शामिल की गई।

MWP ACT के अंडर लिए गए पौलिसी में एक ट्रस्ट जेनरेट होता है। मतलब आपको कोई अलग से ट्रस्ट बनाने की जरुरत नहीं है। और पॉलिसी का बेनेफिशरी ही ट्रस्ट का बेनेफिशरी होता है।

इस एक्ट में ली गई पॉलिसी में आए हुए क्लेम की रकम इस ट्रस्ट में ट्रांसफर होती है जिसका उपयोग इसका ट्रस्टी  यानि आपका बेनेफिशरी ही कर सकता है। आपको सिर्फ फॉर्म में बेनेफिशरी की डिटेल्स ही फील करनी होती है।

अगर बेनेफिशरी माइनर है तो आपको ट्रस्टी के तौर पर किसी माइनर या एचयूएफ (HUF) के अलावा किसी को भी ट्रस्टी बनाना है। चाहे तो आप अपनी वाइफ को, एडल्ट चिल्ड्रन को, या किसी थर्ड पर्सन को ट्रस्टी बना सकते हैं। और बाद में कभी भी आप ट्रस्टी को चेंज भी कर सकते हैं। लेकिन बेनेफिशरी को एक बार डिक्लेयर्ड करने के बाद उसे चेंज नहीं कर सकते।

डेथ क्लेम के केस में इन्स्योरेन्स मनी ट्रस्ट को दी जाएगी जिससे कोई भी क्रेडिटर्स या बैंक्स उससे क्लेम नहीं कर सकती।

इसके मुख्य दो कारण है। पहले तो काफी लोगों को इस एक्ट की जानकारी नहीं होती। और दूसरा कारण यह है कि काफी लोग अपनी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में अपना कंट्रोल रखना पसंद करते हैं।

एक बार MWP ACT के अंदर पॉलिसी लेने के बाद प्रोपोज़र खुद अपनी पॉलिसी में कोई चेंज नहीं कर सकता।

कोई भी मैरिड पर्सन MWP ACT के अंदर पॉलिसी ले सकता है जिसमे Divorced और Widowers भी शामिल होते हैं। मैरिड वीमेन भी MWP ACT के अंदर इस पॉलिसी को ले सकती है और अपने चिल्ड्रन को बेनेफिशरी बना सकती है।