September 24, 2022
How to Find Best Motor Insurance

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How to Find Best Motor Insurance, मोटर इंश्योरेंस लेते वक्त जरूर रखें इन 8 बातों का ध्यान

भारत में लोग अच्छा कार इंश्योरेंस लेने में अपना ज्यादा समय खर्च नहीं करते। जबकि ख़राब सड़कों के कारन भारत में रोड एक्सीडेंट की समस्या काफी ज्यादा है। और ऐसे में सही कार इंश्योरेंस लेना काफी जरुरी हो जाता है। तो आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे कि कार इंश्योरेंस लेते वक्त आपको किन किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए जिससे आप कम प्रीमियम में एक अच्छा कार इंश्योरेंस कवर ले सकते हैं। 

How to Find Best Motor Insurance – मोटर इंश्योरेंस लेते वक्त जरूर रखें इन 8 बातों का ध्यान

1 . Vehicle IDV 

दोस्तों कार इंश्योरेंस लेते वक्त सबसे जरुरी जो आपको देखना होता है कार की आईडी। जब भी आप कार इंश्योरेंस लेने जाते हैं तो उसकी आईडी यानि IDV (Insurance Decleared Value) यानि आपकी कार की वो कीमत जो आप तय करते हैं। IDV यानि वो मैक्सिमम अमाउंट जो इंश्योरेंस कंपनी गाड़ी का एक्सीडेंट होने पर इंश्योर्ड को देती है। तो आपको अपने गाड़ी की सही IDV जरूर चूज़ करनी चाहिए जिससे कोई भी एक्सीडेंट होने पर आपको उसका पूरा पूरा जो अमाउंट है वो मिल सके। 

2 . Policy Coverage 

कार इंश्योरेंस में Third Party Cover और On Damage Cover दोनों कवर आते हैं। अगर आपकी गाड़ी 7 या 8 साल पुराणी है तो आपको ऑन डैमेज कवर चूज़ करना चाहिए। और अगर आपकी गाड़ी 8 या 10 साल से ज्यादा पुराणी है तो आपको थर्ड पार्टी इंश्योरेंस कवर चूज़ करना चाहिए। 

3 . Add On Cover 

कार इंश्योरेंस में Add On Covers का काफी महत्व है। आप अगर अपने On Damage Cover के साथ Zero Depreciation, Engine Cover, Consumable Cover और Road Side Assistant जैसे Add On Covers को ऐड करते हैं तो इससे आपको काफी फायदा होता है। काफी सारी कंपनी आजकल 8 या 10 साल तक Zero Depreciation Cover यानि Zero Dep इंश्योरेंस पॉलिसी देती है। तो आपको ऐसी पॉलिसी चूज़ करनी चाहिए जब तक आपको Zero Dep पॉलिसी मिलती है तब तक आपको अपनी कार की Zero Dep पॉलिसी लेनी चाहिए। जिससे कोई भी क्लेम पाने पर आपको अपनी कार की जो भी नुकसान है वह पूरा पूरा अमाउंट मिल सके। 

4 . What is Not Cover 

इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या क्या कवर होता है इसके साथ आपको यह भी जरूर देखना चाहिए कि इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या क्या कवर नहीं हो रहा है। आप जिस भी कंपनी से अपनी कार का इंश्योरेंस करा रहे हैं उस पॉलिसी में क्या कवर नहीं हो रहा है यह भी आपको जरूर ही जानकारी ले लेनी चाहिए। 

5 . Deductible 

Deductible यानि क्लेम चार्ज। आप जो पॉलिसी ले रहे हो उसमे क्लेम चार्ज कितना लगने वाला है वो भी आपको जान लेना चाहिए। एक होता है कम्पलसरी क्लेम चार्ज यानि जो अमाउंट IRDA ने फिक्स किये हुए हैं कि क्लेम करते वक्त इंश्योर्ड को कितना क्लेम चार्ज चुकाना होगा। वो क्लेम चार्ज तो आपको देना होता ही है। इसके अलावा एक डेडक्टिबल होता है। यानि अगर आप डेडक्टिबल ऑप्शन ऑफ करते हैं तो आपको क्लेम चार्ज ज्यादा चुकाना पड़ जाता है।

कई बार डिस्काउंट देने के चक्कर में लोग कार इंश्योरेंस में डेडक्टिबल क्लेम चार्ज को ऐड करते हैं। जिसके कारन बाद में क्लेम आता है तब उनको ज्यादा क्लेम चार्ज चुकाना पड़ जाता है। तो इस बात का भी आपको जरूर ध्यान रखना चाहिए कि आपको सिर्फ वही क्लेम चार्ज चुकाना रहे जो IRDA ने फिक्स किया है। IRDA के अनुसार अगर 1500 cc तक की कोई कार है,  तो उसका क्लेम चार्ज 1000 रुपये है। अगर 1500 cc से ज्यादा की कोई कार है तो उसका क्लेम चार्ज जो है वो 2000 रुपये होगा। 

6 . Claim Settlement 

कार इंश्योरेंस लेते वक्त आपको इस बात का भी ध्यान जरूर रखना चाहिए कि आप जिस भी कंपनी से अपनी कार का इंश्योरेंस करवा रहे हैं वह कंपनी टेक्नोफ्रेंडली है या नहीं। उसमे टेक्नोलॉजी के थ्रू आप क्लेम कर सकते हैं या नहीं। 

7 . Cashless Garage Network 

आप जिस भी इंश्योरेंस कंपनी से अपनी कार का इंश्योरेंस करवा रहे हैं उसका कैशलेस नेटवर्क आपकी सिटी में आप जिस सिटी में रह रहे हैं वहां पर कैसा है। इसकी जानकारी भी आपको जरूर होनी चाहिए जिससे क्लेम में आपको कोई परेशानी ना हो। क्लेम के समय Cashless Garage Network में जाएं और आपका क्लेम आसानी से सेटल हो जाता है। तो Cashless Garage Network बारे में भी आपको जरूर जानकारी होनी चाहिए। 

8 . No Claim Bonus 

आप जब भी कार इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यू करवाते हैं तब आपको No Claim Bonus की सही सही जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को देनी चाहिए। क्या आपने प्रीवियस पॉलिसी में कोई क्लेम किया है या नहीं किया है। अगर आप ऐसे में डिस्काउंट लेने के चक्कर में गलत जानकारी देते हैं तो बाद में आपका क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है।

तो No Claim Bonus की सही सही जानकारी आपको इंश्योरेंस कंपनी को देनी चाहिए। जिससे बाद में आपको क्लेम के समय पर परेशानी ना हो। अगर आप अपनी पुराणी गाड़ी को बेचकर नयी गाड़ी खरीद रहे हैं, तो ऐसे में अगर आपकी पुराणी गाड़ी पर No Claim Bonus अवेलेबल था, तो उसे आप ट्रांसफर करके नयी गाड़ी पर भी ले सकते हैं। तो No Claim Bonus भी काफी जरुरी हो जाता हो जाता है।

तो यह थी वो 8 बातें जिनका ध्यान आपको कार इंश्योरेंस लेते वक्त ध्यान रखना चाहिए। 

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