September 26, 2022
बीमा कितने तरह के होते है? बीमा कराने के फायदे और नुकसान

बीमा कितने तरह के होते है? बीमा कराने के फायदे और नुकसान

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बीमा कितने तरह के होते है? बीमा कराने के फायदे और नुकसान | How Many Types of Insurance in India | Advantages and disadvantages of having Insurance 

आजकल लगभग सभी लोग इन्शुरन्स कराते हैं अपने बाइक का, कार का, घर का। यहाँ तक की लोग अपने एनिमल्स तक का इन्शुरन्स कराते हैं। इन्शुरन्स एजेंट्स आपको काफी फाॅर्स करते हैं कि आप उनसे कोई न कोई पॉलिसी खरीद लो। तो ऐसे में जानना बहुत जरुरी हो जाता है कि आखिर इन्शुरन्स क्या होता है? कितनी तरह का होता है? और इन्शुरन्स लेने के क्या फायदे और क्या नुकसान होते हैं? 

बीमा होता क्या है? 

बीमा का मतलब होता है किसी कंपनी के द्वारा आपके हुए नुकसान, एक्सीडेंट या डेथ के ऊपर आपके या आपके फॅमिली को सहायता देने की गारंटी। यानि बीमा का सीधा मतलब होता है आपके किसी भी नुकसान की भरपाई करना। जैसे कि अगर आपने अपना जीवन बीमा कराया हुआ है और आपके साथ कोई एक्सीडेंट हो जाता है, तो लाइफ बीमा कंपनी आपको आपके नुसकान की भरपाई करती है। जिसमें डिसेबल्ड होने पर या डेथ हो जाने पर या कोई सिंपल सा एक्सीडेंट हो जाने पर आपको कुछ पेमेंट दी जाती है जो कि आपकी बीमा पॉलिसी पर डिपेंड करती है। जितने ज्यादा अमाउंट की आपकी बीमा पॉलिसी होती है, उतना ही ज्यादा आपको कवर मिलता है। 

आजकल लगभग हर एक चीज का बीमा होने लगा है। हर एक चीज की अलग पॉलिसी होती है जिसमें यह बताया जाता है कि आपको नुकसान होने पर कितने नुकसान की भरपाई दी जाएगी। यह सब कुछ पॉलिसी के हिसाब से बताया जाता है। अगर आप अलग-अलग कंपनीज की पॉलिसीस को चेक करना चाहते हैं तो आप www.Policybazaar.com वेबसाइट पर जाकर किसी भी कंपनी की बीमा पॉलिसी को चेक कर सकते हैं। और दूसरी कंपनीज के साथ उनकी पॉलिसीस को कम्पैर भी कर सकते हैं। 

बीमा (इन्शुरन्स) कितने तरह के होते हैं? 

इन्शुरन्स कई तरह के होते हैं और सभी के प्लान और पॉलिसीस भी अलग-अलग होते हैं। जैसे की –

जीवन बीमा (Life Insurance)

जीवन बीमा (Life Insurance)

जो भी व्यक्ति यह पॉलिसी लेता है, उसकी डेथ हो जाने पर उसकी फॅमिली या उसने जो भी  नॉमिनी चुना है, उसको उसकी क्लेम की पेमेंट रूल के अनुसार उसकी पोलिकी के हिसाब से दे दी जाती है। इस तरह की पॉलिसीस लोग अपने परिवार के लिए ही करवाते हैं, ताकि अगर उन्हें कुछ हो जाता है तो उनकी फॅमिली को कुछ पेमेंट मिल जाये जिससे वह अपनी लाइफ आरामसे बिता सके। 

स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) 

स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) 

इस तरह के इन्शुरन्स में एक लिमिटेड पेमेंट जमा की जाती है। और अगर उस आदमी को जिसने यह पॉलिसी ली है, उसे कोई बिमा हो जाती है तो उसका सारा खर्चा इन्शुरन्स कंपनी उठाती है। यह पॉलिसी काफी जरुरी होती है क्यों कि किसी भी इंसान की हेल्थ हर साल में कभी न कभी ख़राब हो ही जाती है। तो इस तरह की पॉलिसी में कंपनी हर साल रेगुलर चेकअप का भी खर्चा देती है। आजकल खाने-पिने की बजह से हेल्थ ख़राब हो जाना, यह एक आम बात होती है और अगर आपके पास हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी है तो आप मेडिकल की खर्चे से बच सकते हैं। मेडिकल में मेडिसिंस का खर्चा और अगर ऑपरेशन होता है तो उसका खर्चा भी इंक्लूड होता है। 

वाहन बीमा (Auto Insurance)

स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) 

आजकल लगभग हर किसी के पास मोटरसाइकिल या कोई न कोई ऐसा रिसोर्सेज मिल जाएगा जिसकी पॉलिसी करना काफी जरुरी होता है। अगर आपकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है या आपकी गाड़ी चोरी हो जाती है, तो उस समय पर बीमा कंपनी आपकी गाड़ी को कराने के लिए या दुर्घटना के खर्चे को पूरा करने के लिए क्लेम देती है। कुछ गाड़ियों के लिए थर्ड पार्टी बीमा भी की जाती है। जिसमें गाड़ी चलाने वाले ड्राइवर या फिर पैदल चलने वाले लोग बीमा क्लेम कर सकते हैं। यह बीमा बहुत ही जरुरी होता है क्यों कि हम इतना हार्डवर्क करके पैसे जमा करके कोई गाड़ी खरीदते हैं और अगर कोई एक्सीडेंट हो जाता है, तो उसे ठीक करने के लिए अलग से पैसे चाहिए होते हैं। तो ऐसे में अगर आपने अपनी गाड़ी का इन्शुरन्स कराया हुआ है तो पूरा कवर इन्शुरन्स कंपनी देती है। 

गृह बीमा (Home Insurance)

गृह बीमा (Home Insurance)

होम इन्शुरन्स में आपकी घर की बिल्डिंग और आपके घर के सामान के अनुसार पॉलिसी बनाई जाती है। इसमें बीमा कंपनी घर और सामान दोनों चीजों के ख़राब या किसी तरह के एक्सीडेंट होने पर आपको क्लेम देती है। अगर आपके घर में आग लग जाती है, या कोई और एक्सीडेंट हो जाता है, या आपका सामान चोरी हो जाता है या किसी भी तरह की कोई और दुर्घटना अगर घट जाती है, तो कंपनी आपको क्लेम देती है। 

यात्रा बीमा (Travel Insurance)

यात्रा बीमा (Travel Insurance)

अगर आप ट्रेवलिंग काफी ज्यादा करते रहते हैं या फॅमिली के साथ कहीं न कहीं आते-जाते रहते हैं, तो ट्रैवल इन्शुरन्स कराना आपके लिए काफी जरुरी होता है। अगर आप कहीं सफर पर जाते हैं और आपके साथ कोई दुर्घटना घर जाती है, तो उसकी भरपाई इन्शुरन्स कंपनी करेगी। 

फसल बीमा (Crop Insurance)

फसल बीमा (Crop Insurance)

यह बीमा स्पेशली किसानों के लिए बनाया गया है और इस बीमा को हर किसानों को जरूर कराना चाहिए। क्यों कि मौसम का कोई भरोसा नहीं होता है कि कब आपकी फसल पर कोई आपत्ति आ जाए। अगर आप अपनी फसल का बीमा करा लेते हैं तो आप बिना कोई चिंता किए खेती कर सकते हैं। अगर बारिश या किसी और कारण से आपकी फसल ख़राब हो जाती है, तो बीमा कंपनी आपकी नुकसान की भरपाई करती है। 

पालतू बीमा (Pet Insurance) 

पालतू बीमा (Pet Insurance) 

यह बीमा आप अपने घर के किसी भी पालतू जानवर का करवा सकते हैं। अगर आप अपने घर में गाय या भैंस पालते हैं तो आप उनका भी बीमा करवा सकते हैं। और अगर आप कोई कुत्ता रखते हैं तो उसका भी बीमा करवा सकते हैं। 

इन 7 इन्शुरन्स के अलावा और भी कई इन्शुरन्स होते हैं। जैसे कि पोलिटिकल रिस्क के लिए भी इन्शुरन्स कराया जाता है और मैरिज का भी इन्शुरन्स कराया जाता है। इसके अलावा एक डायरेक्ट इन्शुरन्स भी होता है। 

इन्शुरन्स कराने के फायदे 

लोग इन्शुरन्स इसलिए करवाते हैं ताकि अगर उनका कोई नुकसान हो तो कंपनी उसका भरपाई करे। जिस चीज का भी इन्शुरन्स कराया जाता है वह अगर खराब हो जाती है या चोरी हो जाती है, तो इन्शुरन्स कंपनी उसकी भरपाई करती है। इसी तरह से अगर आप लाइफ इन्शुरन्स करवाते हैं और अगर आपके साथ कोई दुर्घटना घट जाती है या आपकी डेथ हो जाती है और आपकी फॅमिली के पास इनकम का कोई और सोर्स नहीं होता है, तो उस कंडीशन में लाइफ इन्शुरन्स काफी फायदेमंद होता है। 

इसी तरह से अगर आपके पास कार या बाइक है और उसका एक्सीडेंट हो जाता है, तो एक्सीडेंट में जितना भी नुकसान होता है उसकी भरपाई कंपनी करती है। व्हीकलइन्शुरन्स आमतौर पर दो तरह के होते हैं। एक थर्ड पार्टी इन्शुरन्स और दूसरा फूल पार्टी इन्शुरन्स। थर्ड पार्टी इन्शुरन्स में आपकी कार या बाइक से किसी तीसरे पर्सन का एक्सीडेंट होता है, कंपनी उसको क्लेम देती है। और फुल पार्टी इन्शुरन्स में आप आपकी कार, बाइक या ड्राइवर सभी को कवर किया जाता है।  इन्शुरन्स लेने का एक फायदे यह होता है कि पॉलिसी के लिए अगर आप कोई लोन लेते हैं तो वो इनकम टैक्स फ्री होता है। 

इन्शुरन्स लेने के नुकसान 

जहाँ इन्शुरन्स लेने के काफी सारे फायदे होते हैं तो वही पर इन्शुरन्स लेने के काफी सारे नुकसान भी होते हैं। 

  • सबसे पहला नुसकान तो यह होता है कि आपको पॉलिसी के खत्म होने तक पैसे देने पड़ते हैं, तभी आप क्लेम कर सकते हैं। 
  • दूसरा नुकसान यह है कि अगर आप पॉलिसी सरेंडर करते हैं यानि आप पॉलिसी को वापस करना चाहते हैं, तो आपको पुरे पैसे नहीं मिलेंगे जितने आपने दिए है। 
  • तीसरा नुकसान यह है कि लाइफ इन्शुरन्स में पैसे रिटर्न नहीं होते हैं यानि अगर आपने कोई लाइफ इन्शुरन्स पॉलिसी ली है और बाद में कभी अगर आपका मूड बदल जाता है और आप लाइफ इन्शुरन्स को वापस करना चाहते हैं, तो आपको पैसे वापस नहीं मिलेंगे 
  • चौथा नुकसान यह है कि अगर आपने मेडिकल या हेल्थ इन्शुरन्स करवाया हुआ है तो आपको उसको हर साल रिन्यूअल कराना पड़ेगा। यानि अगर आपने 1 साल के हेल्थ या मेडिकल इन्शुरन्स करवाया लिया है और आपको उस साल कोई भी बीमारी नहीं हुई है, तो आप कुछ भी क्लेम नहीं कर पाएंगे। और आपने जो भी पैसा खर्च किया है वो सब बेकार जाएगा। इसी तरह से अगले साल आपको दोबारा से वही हेल्थ या मेडिकल इन्शुरन्स लेना पड़ेगा। पहला वाला 1 साल में एक्सपायर हो चूका होता है। 

इस पोस्ट में आपने जाना कि बीमा क्या है? बीमा कितने तरह के होते है? बीमा कराने के फायदे और नुकसान। उम्मीद करते हैं यह जानकारी आपको काफी अच्छी लगी होगी अगर अच्छी लगे तो शेयर जरूर करे। 

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